68 साल पुराने राम मंदिर-बाबरी मस्जिद मामले में कब क्या हुआ- जानिए

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  • December 5, 2017
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68 साल पुराने राम मंदिर बाबरी मस्जिद विवाद पर आज से सुप्रीम कोर्ट में निर्णायक सुनवाई शुरू होने जा रही है. राम मंदिर और बाबरी मस्जिद विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट में कुल 13 अपील दायर की गई है. इनमें वे याचिकाएं भी हैं जिनमें इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ के साल 2010 के आदेश को चुनौती दी गई है. अब सुप्रीम कोर्ट में  चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की बेंच इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले और पक्षकारों की दलीलों के मद्देनजर ये तय करेगी कि आखिर इस मसले का निपटारा कैसे किया जाए.

तारीख पर तारीख

1528 में अयोध्या में बाबरी मस्जिद का निर्माण किया गया.

1949 में बाबरी मस्जिद में गुप्त रूप से भागवान राम की मूर्ति रख दी गई.

1984 में मंदिर निर्माण के लिए एक कमेटी का गठन किया गया.

1959 में निर्मोही अखाड़ा की ओर से विवादित स्थल के स्थानांतरण के लिए अर्जी दी थी.

1961 में यूपी सुन्नी सेंट्रल बोर्ड ने भी बाबरी मस्जिद स्थल पर कब्जा के लिए अपील दायर की थी.

1986 में विवादित स्थल को श्रद्धालुओं के लिए खोला गया.

1986 में ही बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी का गठन किया गया.

1990 में लालकृष्ण आडवाणी ने देशव्यापी रथयात्रा की शुरुआत की.

1991 में रथयात्रा की लहर से बीजेपी यूपी की सत्ता में आई.

1991 में मंदिर निर्माण के लिए देशभर के लिए इंटें भेजी गई.

6 दिसंबर, 1992: अयोध्या में हजारों कार सेवकों ने बाबरी मस्जिद का विध्वंस कर दिया था. सांप्रदायिक दंगे हुए, कई लोगों की मौत हो गई. जल्दबाजी में एक अस्थाई राम मंदिर बनाया गया.

16 दिसंबर, 1992: बाबरी मस्जिद विध्वंस के लिए एमएस लिब्रहान आयोग का गठन हुआ.

1994: इलाहाबाद हाई कोर्ट में बाबरी मस्जिद विध्वंस को लेकर केस शुरु.

4 मई, 2001:बीजेपी नेता लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी सहित 13 नेताओं से साजिश का आरोप हटा.

1 जनवरी, 2002: तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने एक अयोध्या विभाग शुरू किया.

1 अप्रैल 2002: अयोध्या के विवादित स्थल पर मालिकाना हक को लेकर इलाहबाद हाई कोर्ट के तीन जजों की पीठ ने सुनवाई शुरू कर दी.

5 मार्च 2003: इलाहबाद हाई कोर्ट ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण को अयोध्या में खुदाई का निर्देश दिया.

22 अगस्त, 2003: पुरातत्व सर्वेक्षण ने अयोध्या में खुदाई के बाद इलाहबाद हाई कोर्ट में रिपोर्ट पेश किया. इसमें कहा गया कि मस्जिद के नीचे 10वीं सदी के मंदिर के अवशेष प्रमाण मिले हैं.

जुलाई 2009: लिब्रहान आयोग ने गठन के 17 साल बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को अपनी रिपोर्ट सौंपी.

26 जुलाई, 2010: इलाहबाद हाई कोर्ट की लखनऊ पीठ ने फैसला सुरक्षित किया, सभी से आपस में इसका हल निकाले की सलाह दी.

30 सितंबर 2010: इलाहाबाद हाई कोर्ट ने फैसला सुनाया. विवादित जमीन को तीन हिस्सों में बांटा दिया गया. इसमें एक हिस्सा राम मंदिर, दूसरा सुन्नी वक्फ बोर्ड और निर्मोही अखाड़े को मिला.

9 मई 2011: सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी.

19 अप्रैल 2017: सुप्रीम कोर्ट ने बाबरी मस्जिद गिराए जाने के मामले में लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती सहित बीजेपी और आरएसएस के कई नेताओं के खिलाफ आपराधिक केस चलाने का आदेश दिया.

9 नवंबर 2017:शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी ने कहा विवादित स्थल पर राम मंदिर बनना चाहिए.

16 नवंबर 2017: आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर ने मामले को सुलझाने के लिए मध्यस्थता करने की कोशिश की, उन्होंने कई पक्षों से मुलाकात की.

 

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