भविष्य की जंग के लिए भारत ने उठाया बड़ा कदम, चीन को हो सकती है टेंशन

  • May 21, 2018
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भारत ने भविष्य के युद्ध की तैयारी की दिशा में कदम बढ़ा दिया है। एक महत्वाकांक्षी रक्षा परियोजना के तहत सुरक्षा बलों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के इस्तेमाल पर काम शुरू हो गया है। इसका मकसद सैन्य बलों को मानव रहित टैंकों, पोत, विमानों, रोबोटिक हथियारों से लैस करना और ऑपरेशन संबंधी तैयारियों को महत्वपूर्ण तरीके से आगे बढ़ाना है।

रक्षा सचिव (उत्पादन) अजय कुमार के अनुसार, सरकार ने सेना के तीनों अंगों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की शुरुआत का फैसला किया है। यह भविष्य के युद्ध को देखते हुए एक अहम क्षेत्र होगा। टाटा संस के प्रमुख एन चंद्रशेखरन की अध्यक्षता वाला एक उच्च स्तरीय कार्यबल परियोजना की बारीकियों एवं संरचना को अंतिम रूप दे रहा है।

सशस्त्र बल और निजी क्षेत्र भागीदारी मॉडल से इस परियोजना को कार्यान्वित करेंगे। कुमार ने कहा, यह अगली पीढ़ी के युद्ध के लिए भारत की तैयारी है। भविष्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का ही है। हमें अगली पीढ़ी के युद्ध के लिए खुद को तैयार करने की जरूरत है, जो ज्यादा से ज्यादा तकनीक आधारित, स्वचालित और रोबोटिक प्रणाली पर आधारित होगी।

सैन्य सूत्रों ने कहा कि परियोजना में रक्षा बलों के तीनों अंगों के लिए मानवरहित प्रणालियों की व्यापक श्रृंखला का उत्पादन भी शामिल होगा। कुमार ने कहा, दुनिया के प्रमुख देश रक्षा बलों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल की संभावना तलाशने की खातिर रणनीतियों पर काम कर रहे हैं। हम भी इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। इस पहल में खास बात यह है कि इसके लिए हमारे उद्योग एवं रक्षा बल दोनों मिलकर काम कर रहे हैं।

उन्होंने बताया, कार्य बल की सिफारिशें जून तक आ जाएंगी और तब सरकार परियोजना को आगे ले जाएगी। परियोजना को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहे कुमार ने कहा कि एक संरचना को अंतिम रूप दिया जा रहा है। परियोजना के तहत रक्षा प्रणालियों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए मजबूत आधार के निर्माण की खातिर उद्योग एवं रक्षा बल साथ काम कर सकते हैं।

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