आर्कबिशप के खत पर सियासी उबाल, शाह बोले- धर्म के आधार पर न हों लामबंद

  • May 22, 2018
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दिल्ली के आर्कबिशप की चिट्ठी को लेकर सियासत गरमा गई है. इस पर केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह और अल्पसंख्यक मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी के बाद अब बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने कड़ी आपत्ति जताई है.

आर्कबिशप के खत पर बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि इस देश में धर्म के आधार पर किसी को लामबंद नहीं होना चाहिए. जब धर्म की बात आए, तो किसी को ऐसी बातें नहीं करनी चाहिए.

दरअसल, देश में मौजूदा राजनीतिक हालात, खतरे में पड़ी धर्मनिरपेक्षता और साल 2019 के आम चुनाव के लिए दिल्ली के ऑर्कबिशप ने खत जारी कर ईसाई समुदाय से जुड़े लोगों को हर शुक्रवार व्रत करने की अपील की है.

आर्कबिशप अनिल जोसेफ थॉमस काउटो ने दिल्ली के सभी चर्च और पादरियों को खत लिखकर कहा, ‘हम एक अजीब से राजनीतिक माहौल में रह रहे हैं, जिसके कारण हमारे संविधान के लोकतांत्रिक मूल्यों और देश की धर्मनिरपेक्ष छवि पर संकट मंडराने लगा है.’

उन्होंने सभी ईसाइयों से यह भी आग्रह किया कि वे देश में एक साल के अंदर होने वाले आम चुनाव को देखते हुए राजनेताओं के लिए व्रत रखें. हालांकि आर्कबिशप के इस खत पर केंद्र में सत्तारुढ़ बीजेपी ने कड़ी आपत्ति जताई है.

तो वहीं, दिल्ली में पादरी की चिट्ठी पर केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, ‘मुझे ऐसी किसी चिट्ठी की जानकारी नहीं है, लेकिन इस देश में मजहब के आधार पर भेदभाव नहीं होता है. यहां पर सभी अल्पसंख्यक सुरक्षित हैं.’

अल्पसंख्यक मामलों के केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने इस खत पर नाराजगी जताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री धर्म और जाति की बाधा को तोड़ते हुए बगौर भेदभाव के समग्र विकास के लिए काम कर रहे हैं. हम उनसे (बिशप से) महज प्रगतिशील मानसिकता के साथ सोचने के लिए कह सकते हैं

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