कर्नाटक चुनाव- लिंगायत के मुद्दे पर नहीं झुकेगी भारतीय जनता पार्टी

  • April 11, 2018
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कर्नाटक विधानसभा चुनाव में सीएम सिद्धारमैया द्वारा लिंगायत समुदाय को अलग धर्म का दर्जा देने के सियासी दांव में उलझी बीजेपी इस मुद्दे पर नरमी का रुख अपनाते नहीं दिख रही है। दरअसल पार्टी के रणनीतिकार मान रहे हैं कि सिद्धारमैया के लिंगायत दांव से चुनाव के दौरान उत्तर प्रदेश की तरह कर्नाटक में भी समानांतर ध्रुवीकरण हो सकता है। यही कारण है कि पार्टी ने इस फैसले को हिंदुओं को बांटने की साजिश बता कर साफ कर दिया कि वह लिंगायत को अलग धर्म का दर्जा देने का समर्थन नहीं करेगी।

दरअसल सिद्धारमैया अपने इस दांव से लिंगायत समुदाय को भाजपा से दूर करना चाहते हैं। भाजपा की मुश्किल यह है कि इस समुदाय से जुड़े कई अहम मठों ने भी अलग धर्म का दर्जा दिए जाने का न सिर्फ समर्थन किया है, बल्कि पीएम मोदी से 18 अप्रैल तक इस पर फैसला करने की अपील भी की है।

अगर भाजपा राज्य सरकार के अलग धर्म का दर्जा देने के फैसले का समर्थन करती है तो उसके हिंदुत्व के एजेंडे को नुकसान पहुंचेगा। विरोध करने पर परंपरागत मतदाताओं के पार्टी से नाराज होने का खतरा है। दूसरी ओर, कर्नाटक चुनाव के बाद पार्टी इसे कांग्रेस की हिंदुओं को बांटने की साजिश रचाने का आरोप लगाएगी। कर्नाटक में अल्पसंख्यक 13 फीसदी, पिछड़ी जातियां- दलितों की उपस्थिति 32 फीसदी के करीब है जबकि लिंगायत समुदाय की आबादी 17 फीसदी के करीब है और राज्य की 224 सीटों में से करीब 100 पर लिंगायतों का दबदबा है।

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