SC/ST एक्ट पर दलित विरोध के समर्थन में मायावाती, कभी कही थी दुरुपयोग की बात

  • April 4, 2018
Share:

बीसपी सुप्रीमो मायावती एससी-एसटी एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ किये जा रहे दलित प्रदर्शन का समर्थन कर सकती हैं। वैसे अपने मुख्यमंत्री के कार्यकाल के दौरान उनकी सरकार ने भी ऐसे ही दो आदेश दिये थे जिसमें कहा गया था कि एक्ट का बेकसूर लोगों के खिलाफ दुरुपयोग किया जा रहा है। बता दें कि उस वक्त चीफ सेक्रेटरी ने कहा था कि ऐसे मामलों में गिरफ्तारी केवल शिकायत के आधार पर नहीं होनी चाहिए बल्कि आरोपी की प्राथमिक जांच में दोषी पाए जाने के बाद होनी चाहिए।

दरअसल, 20 मई 2007 को चीफ सेक्रेटरी शंभू नाथ द्वारा जारी किये गए पत्र में कहा गया था कि इस एक्ट में बहुत सारी शिकायतें आईं। आदेश में लिखा गया था कि इस एक्ट में केवल हत्या और रेप जैसे जघन्य अपराध को ही शामिल होना चाहिए। इसके अलावा छोटे-मोटे अपराधों के लिए किसी दूसरे एक्ट के अंतर्गत कार्रवाई की जाए।

इसमें यह भी कहा गया था कि अगर किसी SC-ST द्वारा रेप की शिकायत की जाती है तो पहले मामले की जांच की जाए और प्राथमिक जांच में अगर आरोपी दोषी पाया जाता है तभी उसकी गिरफ्तारी हो।

इसके अलावा मायावती सरकार के चीफ सेक्रेटरी प्रशांत कुमार द्वारा 29 अक्टूबर 2007 को DGP को दूसरा पत्र जारी किया गया था। जिसमें कहा गया था कि अगर SC-ST एक्ट के अंतर्गत शिकायत गलत पायी जाती है तो ऐसी शिकायतों को सेक्शन 182 के तहत बुक कर दें।

Tags


Comments

Leave A comment