कावेरी प्रबंधन प्राधिकरण को सर्वोच्च न्यायालय की मंजूरी

  • May 18, 2018
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कावेरी जल विवाद मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने आज केंद्र के संशोधित मसौदे को स्वीकार कर लिया लिया है। दरअसल कोर्ट ने केंद्र सरकार से 3 मई तक कावेरी जल बंटवारे की योजना तैयार करके देने का निर्देश दिया था। इसके बाद केंद्र ने संशोधित मसौदा सुप्रीम कोर्ट के समक्ष रखा था।

इस मसौदे में कहा गया है कि तमिलनाडु और कर्नाटक के बीच कावेरी जल वितरण के संदर्भ में, कावेरी प्रबंधन बोर्ड (सीएमबी) के रेगुलेशन को ‘प्राधिकरण द्वारा निर्देशित जलाशयों से मासिक आधार पर पानी की दैनिक रिलीज’ एकत्र करने की बात कही गई है। इस मसौदे को सुप्रीम कोर्ट ने 18 मई 2018 को स्वीकार कर लिया है।

बता दें कि इस मामले की सुनवाई करते हुए कावेरी जल बंटवारे पर 16 फरवरी के फैसले को लागू करने में विफल रही केंद्र सरकार को फटकार लगाई थी। कोर्ट ने केंद्र सरकार से 3 मई तक कावेरी जल बंटवारे की योजना तैयार करके देने का निर्देश दिया था।

इस मुद्दे पर केंद्र की तरफ से उस वक्त कहा गया था कि पीएम कर्नाटक चुनाव में बिजी हैं, इसलिए मसौदा तैयार करने के लिए कुछ और वक्त दिया जाए।

इसके पहले कावेरी जल विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में कर्नाटक सरकार ने अपील की थी वह इस मामले की सुनवाई को आगे बढ़ा दें क्योंकि प्रदेश में सरकार बनाने को लेकर अभी कोशिशें चल रही हैं। कर्नाटक सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई इस अपील का तमिलनाडु की सरकार ने विरोध किया था। तमिलनाडु सरकार ने कर्नाटक सरकार की अपील का विरोध करते हुए इस मामले की सुनवाई को आगे नहीं बढ़ाए जाने की मांग की थी।

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