महाभियोग मामला- उपराष्ट्रपति के फैसले को 2 कांग्रेस सांसदों ने सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती

  • May 7, 2018
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कांग्रेस के 2 राज्यसभा सांसदों प्रताप सिंह बाजवा और डॉक्टर अमी याग्निक ने देश के मुख्य न्यायाधीश पर लगाए महाभियोग के खारिज करने के उपराष्ट्रपति के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू द्वारा सीजेआई दीपक मिश्र के खिलाफ लाये गए महाभियोग को खारिज करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट में यह चुनौती दी गई है।

कांग्रेस के दोनों सांसदों ने अपनी याचिका में मांग की है कि जब सांसदों की अपेक्षित संख्या ने महाभियोग पर हस्ताक्षर किये थे तो उपराष्ट्रपति के पास कोई विकल्प नहीं बचा था। इसलिए सीजेआई दीपक मिश्र पर लगे आरोपों की जांच के लिए एक कमेटी बनानी चाहिए।

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव खारिज करने के फैसले के कारण आलोचना का केंद्र बने राज्यसभा सभापति वेंकैया नायडू ने कहा था कि उन्होंने जल्दबाजी में निर्णय नहीं लिया है। इस मामले में एक महीने से ज्यादा समय तक गहराई से सोच-विचार करने के बाद ही वे नतीजे पर पहुंचे हैं।

उन्होंने कहा था कि राज्यसभा सभापति का कार्यालय पोस्ट ऑफिस नहीं है बल्कि उसकी संवैधानिक हैसियत है। इस फैसले के लिए उन्हें बधाई देने पहुंचे सुप्रीम कोर्ट के 10 वकीलों के एक समूह को संबोधित करते हुए नायडू ने कहा था, ‘मैंने अपना काम कर दिया है और मैं उससे संतुष्ट हूं। इसके लिए उन्हें बधाई देने की जरूरत नहीं है क्योंकि उन्होंने वही किया जिसकी उनसे उम्मीद थी।’

उन्होंने कहा कि महाभियोग प्रस्ताव को संवैधानिक प्रावधानों और जजेज इनक्वायरी एक्ट, 1968 के आधार पर खारिज किया गया है। जजेज इनक्वायरी एक्ट की धारा 3 में स्पष्ट कहा गया है कि महाभियोग प्रस्ताव को स्वीकार करने या खारिज करने से पहले राज्यसभा के सभापति को प्रथम दृष्टया उस पर विचार करना चाहिए।

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