50 साल का हुआ मैत्रेयी कॉलेज, उप-राष्ट्रपति वेंकैया नायडू बोले- हर क्षेत्र में आगे है महिला शक्ति

  • February 28, 2018
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नई दिल्ली।

दिल्ली विश्वविद्यालय का मैत्रेयी कॉलेज पूरे 50 साल का हो गया है। इस साल कॉलेज ने अपनी स्थापना के पचास वर्ष पूरे करते हुए स्वर्ण जयंती समारोह का भव्य आयोजन किया। इस अवसर पर उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू , दिल्ली विश्वविद्याल के उपकुलपति प्रो० योगेश त्यागी, कॉलेज गवर्निंग बॉडी की चेयरपर्सन ईनाक्षी शर्मा और कॉलेज की कार्यवाहक प्रिंसिपल डॉ० हरित्मा चोपड़ा समेत कॉलेज के सभी शिक्षक ,कर्मचारी एवं समस्त विद्यार्थी मौजूद थे।

हर क्षेत्र में महिलाओं ने लहराया परचम- उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू

स्वर्ण जयंती समारोह की शुरुआत NCC कैडेट्स ने उपराष्ट्रपति को गार्ड ऑफ़ ऑनर देकर की। इस दौरान पारंपरिक ढंग से सभी का तिलक लगाकर स्वागत किया गया। इस दौरान कॉलेज की पचास वर्षों की स्वर्णिम यात्रा को सिलसिलेवार एवं वर्ष-दर-वर्ष की अकादमिक, सांस्कृतिक, खेल-कूद आदि गतिविविधियों को दर्शाती एक शॉर्ट डॉक्यूमेंट्री दिखाई गई।  इस मौके पर मुख्य अतिथि और उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने कॉलेज को बधाई और शुभकामनाएं दीं।

उन्होने कहा कि भारत में विदुषी स्त्रियों की एक दीर्घ परम्परा रही है। विदुषी महिला मैत्रेयी का वर्णन करते हुए उन्होंने कॉलेज की छात्राओं को प्रेरणा लेकर आगे बढ़ने की बात कही। आधुनिक भारत में कोई भी ऐसा क्षेत्र नहीं जहाँ स्त्रियाँ अपना परचम न लहरा रही हों। ज्ञान-विज्ञान, चिकित्सा,विधि, सेना, रक्षा,पुलिस, राजनीति,प्रशासन, वाणिज्य-व्यापार आदि घर-बाहर सभी स्थानों पर स्त्रियाँ अपनी प्रतिभा एवं क्षमता को सिद्ध कर चुकी हैं।

उपराष्ट्रपति ने मैत्रेयी कॉलेज की तारीफ की

उपराष्ट्रपति ने महिला शक्ति का जिक्र करते हुए कहा कि गाँव से लेकर शहर तक सभी जगह तेजी से आगे बढ़ रही हैं, इसीलिए यह सदी महिलाओं की है। वास्तव में यह सम्मान स्त्रियों ने अपनी प्रतिभा प्रदर्शन एवं कर्मठता से ही प्राप्त किया है। साथ ही उपराष्ट्रपति ने महिलाओं पर किसी भी तरह के अत्याचार, भेदभाव और प्रताड़ना को निंदनीय बताया। वेंकैया नायडू ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में महिलाओं को बढ़ावा देने के लिए महाविद्यालय के प्रयासों की सराहना की।

विश्वगुरू भारत के तीन सूत्र- निर्माण, सुधार और बदलाव

देश के भावी विकास तथा प्रगति में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर उन्होंने विशेष जोर दिया। उन्होंने भारत के गौरवशाली अतीत का जिक्र किया और कहा कि भारत दुनिया का विश्व गुरू कहलाता है। उन्होंने तीन सूत्रों का उल्लेख किया- जिसमें निर्माण, सुधार तथा बदलाव की वकालत की। जिनके माध्यम से हम अतीत की गौरवशाली परंपरा को बरकरार रख सकते हैं, यह आज के समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता भी है। भारत की युवा शक्ति विशेषकर नारी शक्ति को उन्होंने एपीजे अब्दुल कलाम के शब्दों में बड़ा लक्ष्य, उच्च स्वप्न तथा कड़ी मेहनत से आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

साथ ही उन्होंने शारीरिक स्वास्थ्य पर भी ध्यान देने की बात की। प्रकृति के साथ घनिष्ठ संबंध की ज़रुरत है। NCC को अपनी योग्यता सूची में शामिल करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने मातृभाषा के महत्व  पर भी प्रकाश डाला। भारतीय इतिहास तथा विरासत संस्कृति को साझा करने का पर्याय है। ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना उसके संबोधन के केंद्र में थी।

कॉलेज की पूर्व छात्राओं को उपराष्ट्रपति ने किया सम्मानित

समारोह में दिल्ली विश्वविद्यालय के उपकुलपति प्रो० योगेश त्यागी ने अपना वक्तव्य प्रस्तुत किया। उन्होंने मैत्रेयी कॉलेज स्थापना के 50 वर्ष पूरे होने पर पूरे कॉलेज को असीम बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए विशेष रूप से छात्राओं को निरंतर प्रगति की ओर बढ़ते रहने की बात कही। कॉलेज गवर्निंग बॉडी की चेयरपर्सन ईनाक्षी शर्मा और कॉलेज की कार्यवाहक प्रिंसिपल डॉ० हरित्मा चोपड़ा ने भी छात्रों को संबोधित किया।

इस अवसर पर कॉलेेज की अनेक पूर्व छात्राएँ भी मौजूद रहीं, जिन्होंने अपनी मेहनत से समाज में एक विशेष उपलब्धि एवं स्थान हासिल किया है। उपराष्ट्रपति ने कॉलेज की कई पूर्व छात्राओं को सम्मानित भी किया गया। इनमें डॉ० नीरा सेन सरकार, सुश्री सोनल रिहानी, मेजर पूनम सांगवान, डॉ लिवलीन शुक्ला,डॉ इप्सिता रॉय, सुश्री सौमित्र देव वर्मन आदि शामिल रहीं।

इस अवसर पर छात्राओं द्वारा विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गईं। इसमें भारतीय परम्परागत गीत-संगीत प्रस्तुति, सूफ़ी संगीत, फ़ैशन शो तथा पश्चिमी संगीत बैंड आदि प्रमुख प्रस्तुतियाँ रही। इन मोहक और उम्दा सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से पूरा कॉलेज झूम उठा।

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