ट्रंप ने चीन पर लगाया 60 अरब डॉलर का शुल्क, व्यापार गोपनीयता के उल्लंघन का आरोप

  • March 23, 2018
Share:

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन से आयात पर 60 अरब डॉलर का टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। उन्होंने अमेरिका की बौद्धिक संपदा (Intellectual property) को ‘अनुचित’ तरीके से जब्त करने को लेकर बीजिंग को दंडित करने के लिए यह कदम उठाया है। अमेरिके राष्ट्रपति के इस कदम से दोनों देशों के बीच जारी तनाव के और अधिक बढ़ने की आशंका है। बौद्धिक संपदा की चोरी के मामले की सात माह की जांच के बाद ट्रंप ने अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि को चीन से आयात पर 60 अरब डॉलर का टैरिफ लागू करने को कहा है।  ट्रंप ने कहा कि हमें बौद्धिक संपदा की चोरी की बहुत बड़ी समस्या का सामना करना पड़ रहा है, यह हमें अधिक मजबूत, अधिक संपन्न देश बनाएगा।

दूसरी तरफ चीन, अमेरिका के इस फैसले से बौखला गया है। चीन ने अमेरिका के इस कदम का कड़ा जवाब देने की बात कही है। ट्रंप के फैसले के जवाब में चीन अमेरिका के पोर्क, एल्मुनियम समेत अन्य सामानों पर टैरिफ बढ़ा सकता है। साफ है कि ट्रेड के मामले में अब दोनों देश आमने-सामने हैं। आपको बता दें कि इससे पहले भी ट्रंप प्रशासन की तरफ से स्टील-एल्यूमीनियम समेत कई अन्य सामानों पर आयात शुल्क बढ़ाने का फैसला लिया गया था। अमेरिका के इस फैसले से एक बार फिर दुनिया पर ट्रेड वार का खतरा मंडराने लगा है।

क्या है ट्रेड वॉर?

ट्रेड वॉर अर्थात कारोबार की लड़ाई दो देशों के बीच होने वाले संरक्षणवाद का नतीजा होता है. यह स्थ‍िति तब पैदा होती है, जब कोई देश किसी देश से आने वाले सामान पर टैरिफ ड्यूटी बढ़ाता है. इसके जवाब में सामने वाला देश भी इसी तरह ड्यूटी बढ़ाने लगता है.

ज्यादातर समय पर दुनिया का कोई भी देश यह कदम तब उठाता है, जब वह अपनी घरेलू इंडस्ट्री और कंपनियों का संरक्षण करने के लिए कदम उठाता है. इस ट्रेड वॉर का असर धीरे-धीरे पूरी दुनिया पर दिखने लगता है. इसकी वजह से वैश्व‍िक स्तर पर कारोबार को लेकर चिंता का माहौल तैयार हो जाता है.

Tags


Comments

Leave A comment