चार साल में ही किए पांच साल के काम, चौथी सालगिरह के मौके पर मोदी सरकार का बड़ा अभियान

  • April 10, 2018
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केंद्र सरकार अपनी चौथी वर्षगांठ पर अगले महीने बड़ा प्रचार अभियान छेड़ने की योजना बना रही है। इस अभियान की थीम होगी – पांच साल का काम चार साल में ही कर दिखाया। इसके लिए सरकार ने सभी मंत्रालयों से उनके प्रदर्शन और उपलब्धियों के आंकडे़ जुटाकर प्रधानमंत्री कार्यालय भेजने के निर्देश दिए हैं।

सरकार के प्रचार अभियान के केंद्र में गरीब और दलितों के लिए बनाई योजनाओं की उपलब्धियां होंगी ताकि विपक्ष के इस प्रोपेगंडा की काट की जा सके कि यह सरकार गरीब और दलित विरोधी है।

सरकार ने असंगठित क्षेत्र के मजदूरों का प्रॉविडेंट फंड काटने का प्रावधान किया है जिसके ब्याज की रकम सरकार चुकाएगी। इससे उनके नियोक्ताओं पर कोई बोझ नहीं पड़ेगा। साथ ही सरकार के प्रचार अभियान में 12 रुपये प्रतिवर्ष की दर पर दुर्घटना बीमा और एक रुपये प्रतिदिन की दर पर पंद्रह साल तक देने से साठ साल की उम्र के बाद 5000 रुपये प्रतिमाह की पेंशन का प्रावधान है। और यह रकम लेने के लिए उन्हें सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे बल्कि यह पैसा डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से हर महीने उनके जनधन बैंक खाते में आ जाएंगे।

बीजेपी ने हर साल दो करोड़ नौकरियां देने का वादा किया था। इसमें असफल रहने का आरोप विपक्ष लगातार मोदी सरकार पर लगा रहा है। इसकी काट करने के लिए केंद्र सरकार ने नेशनल सैंपल सर्वे ऑर्गेनाइजेशन (एनएसएसओ) के मापदंड बदल रही है। अब जिन लोगों को सरकार ने अपना रोजगार शुरू करने के लिए तीन साल पहले शुरू हुई मुद्रा योजना के तहत कर्ज उपलब्ध कराया है, उनकी गिनती भी नौकरियों (जॉब्स) में की जाएगी। केवल एक साल (2015-16) के दौरान ही केंद्र सरकार ने 4.53 करोड़ लोगों को 50,000 रुपये का कर्ज उपलब्ध कराया है। इस साल 2.28 करोड़ रुपये का कर्ज स्वीकृत हुआ।

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