लाल किले को निजी हाथों में सौंपे जाने को लेकर चौतरफा घिरी सरकार, पर्यटन मंत्रालय ने दी सफाई

  • April 29, 2018
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ऐतिहासिक विरासतें पूरे देश की साझा विरासतें होती हैं, लाल किला भी ऐसी ही ऐतिहासिक इमारत है जिसका निर्माण मुगल बादशाह शाहजहां ने 17वीं शताब्दी में करवाया था. सरकार ने अब लाल किले का ठेका डालमिया ग्रुप को दे दिया है. लोगों को समझ ही नहीं आ रहा कि सरकार लाल किले का ठेका किसी प्राइवेट कंपनी को कैसे दे सकती है.

हालांकि लाल किले को निजी कंपनी को सौंपे जाने के विपक्षी दलों की आलोचनाओं के बीच पर्यटन मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि डालमिया भारत लिमिटेड के साथ हुआ समझौता 17वीं शताब्दी के इस स्मारक के अंदर और इसके चारों ओर पर्यटक क्षेत्रों के विकास एवं रख-रखाव के लिए है.

डालमिया भारत समूह एमओयू के तहत स्मारक की देखरेख करेगा और इसके इर्द-गिर्द आधारभूत ढांचा तैयार करेगा. पांच वर्ष के दौरान इसमें 25 करोड़ रुपये का खर्च आएगा. कांग्रेस, माकपा और टीएमसी जैसी विपक्षी पार्टियों ने सरकार पर देश की स्वतंत्रता के प्रतीकों को आभासी तौर पर कॉरपोरेट घराने को सौंपने का आरोप लगाया है. वहीं मंत्रालय ने एक बयान जारी कर स्पष्ट किया है कि सहमति पत्र (एमओयू) लाल किला और इसके आस पास के पर्यटक क्षेत्र के रख-रखाव और विकास के लिए है.

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