गुजरात पहुंचकर कमजोर पड़ा ‘ओखी’ तूफान, लेकिन सियासी घमासान पर लगा ब्रेक

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  • December 6, 2017
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गुजरात में 9 दिसंबर को होने जा रहे पहले चरण के मतदान से पहले बीजेपी ने अपनी पूरी ताकत लगा दी है. लेकिन ओखी तूफान ने बीजेपी और कांग्रेस के चुनाव प्रचार अभियान पर ब्रेक लगा दिया है. ओखी तूफान गुजरात तो पहुंच गया है लेकिन अब इसकी रफ्तार बेहद कम हो गई है. यानि तूफान अब कमजोर हो गया है. तूफान के कमजोर होते ही अधिक नुकसान होने की आशंका भी टल गई. इस तूफान की वजह से कई बड़े दिग्गज नेताओं को अपने कार्यक्रम में बदलाव करना पड़ा है

मंगलवार को बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह को 4 रैलियों को संबोधित करना था लेकिन तूफान की वजह से होने वाली राजुला, माहुवा और शिहोर की रैलियों को रद्द करना पड़ा था. वहीं योगी आदित्यनाथ, वसुंधरा राजे, संबित पात्रा के कार्यक्रमों को भी कैंसिल करना पड़ा था. ओखी तूफान के कांग्रेस की रफ्तार पर भी ब्रेक लगा दिया है. राहुल गांधी की भी मंगलवार को होने वाली 3 रैलियों को रद्द करना पड़ा था.

तूफान पर राजनीति

इस बीच ओखी तूफान भी गुजरात में एक राजनीतिक मुद्दा बन गया है. ओखी तूफान को लेकर पाटीदार नेता ने तंज कसते हुए कहा है कि प्रशासन के भरोसे ना रहें, प्रशासन साहब की सेवा में लगा है. हार्दिक ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि ‘गुजरात में ओखी नाम का समुद्री तूफ़ान आने की संभावना हैं, सभी सलामत स्थान पर चले जाए, प्रशासन के भरोसे ना रहें, क्योंकि प्रशासन साहब की सेवा में लगा हैं‘.

वहीं पीएम मोदी ने ओखी तूफान को लेकर ट्वीट करते हुए कहा है कि गुजरात में ओखी तूफान दस्तक दे सकता है, बीजेपी कार्यकर्ताओं से अपील है कि वो प्रभावित लोगों की मदद करें. हमारे कार्यकर्ता हर मुमकिन मदद के लिए तैयार रहें

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