कर्नाटक में त्रिशंकु विधानसभा के आसार, कांग्रेस बन सकती है सबसे बड़ी पार्टी

  • April 14, 2018
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कांग्रेस के हाथ में 5 साल से कर्नाटक की कमान होने से सत्ता विरोधी रूझान के बावजूद ग्रैंड ओल्ड पार्टी इस दक्षिणी राज्य में सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरने जा रही है. हालांकि राज्य में त्रिशंकु विधानसभा आने के आसार हैं. इंडिया टुडे- कार्वी इनसाइट्स ओपिनियन पोल के मुताबिक कांग्रेस जहां बहुमत के आंकड़े से कुछ ही सीट पिछड़ती नज़र आ रही है, वहीं, बीजेपी इस बार अपना घर एकजुट होने की वजह से 2013 विधानसभा चुनाव के मुकाबले कहीं अच्छा प्रदर्शन करने जा रही है.

बेरोजगारी और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर लोगों के रोष से जो नुकसान कांग्रेस को हो रहा था, उसकी काफी हद तक भरपाई मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अपने मौजूदा कार्यकाल के आखिरी दौर में कई सकारात्मक कदम उठा कर पूरी कर दी है. सिद्धारमैया को खुद भी राज्य के अधिकांश वोटरों ने मुख्यमंत्री के तौर पर अपनी पहली पसंद माना है.

इंडिया-टुडे कार्वी की ओर से 17 मार्च से 15 अप्रैल के बीच कर्नाटक की सभी 224 सीटों के लिए कराए गए ओपनियन पोल के मुताबिक कांग्रेस 90 से 101 सीटों पर जीत का परचम लहराने जा रही है. ओपिनियन पोल का अनुमान है कि कांग्रेस को 2013 कर्नाटक विधानसभा चुनाव में 37% वोट शेयर जितना ही वोट शेयर इस बार भी मिलने जा रहा है. इसके बावजूद कांग्रेस राज्य में बहुमत के लिए जरूरी 113 सीटों के जादुई आंकड़े से कुछ सीट पीछे रह जाएगी. कांग्रेस ने 2013 विधानसभा में 122 सीट हासिल कर कर्नाटक में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई थी.

ओपिनियन पोल में अनुमान लगाया गया है कि राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी बीजेपी भी 2013 विधानसभा चुनाव की तुलना में कहीं बेहतर प्रदर्शन करते हुए कांग्रेस को कड़ी चुनौती देती नज़र आ रही है. ओपिनियन पोल के मुताबिक कर्नाटक में बीजेपी के खाते में 78 से 86 सीटें आती दिख रही हैं. बीजेपी को 2013 में कर्नाटक में 40 सीटों पर जीत मिली थी. हालांकि उस वक्त बीजेपी का अपना घर ही बंटा हुआ था. तब येदियुरप्पा ने अलग पार्टी केजीपी बना कर चुनाव लड़ा था और 6 सीट पर जीत हासिल की थी. इसी तरह श्रीरामुलु ने भी बीजेपी से अलग होकर बीएसआरसीपी बना कर चुनाव लड़ा था और 4 सीटों पर कामयाबी पाई थी. इस बार बीजेपी का घर एकजुट है.

ओपिनियन पोल के मुताबिक बीजेपी को 2013 के 32.6% वोट शेयर (केजीपी और बीएसआरसीपी का वोट शेयर मिलाकर) तुलना में इस बार 35% वोट शेयर मिलने जा रहा है.

जहां तक राज्य में तीसरी शक्ति मानी जाने वाली पार्टी जनता दल (सेक्युलर) यानि जेडीएस का सवाल है तो ओपिनियन पोल के मुताबिक ये पार्टी बीएसपी जैसे सहयोगी दल के साथ मिलकर 34 से 43 सीटों पर जीत हासिल करने जा रही है. 2013 विधानसभा चुनाव में जेडीएस को 40 सीट पर जीत हासिल हुई थी. ओपिनियन पोल के मुताबिक जेडीएस+ का वोट शेयर जरूर पिछले विधानसभा चुनाव के 21% से घटकर 19% रहने जा रहा है. त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति में राज्य के 39 फीसदी वोटर मानते है कि जेडीएस को कांग्रेस के साथ मिलकर राज्य में सरकार बनाने चाहिए. सीधा अर्थ है कि त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति में जेडीएस किंगमेकर की भूमिका निभाती नजर आ सकती है.

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