आखिर कैसे रुकेगी देश में आतंकवाद की फंडिंग, आईआईपी द्वारा आयोजित सेमिनार में हुई चर्चा

  • January 11, 2018
Share:

देश में भ्रष्टाचार और आतंकवाद की फंडिंग मुद्दे पर दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ फोटोग्राफी (आईआईपी) द्वारा एक सेमिनार का आयोजन किया गया। आईआईपी द्वारा आयोजित इस सेमिनार में 13 दिसंबर 2001 के आतंकी हमले में दिल्ली पुलिस के शहीद हेड कांस्टेबल बिजेंद्र सिंह की पत्नी जयवती और करगिल की जंग में शहीद हुए कैप्टन विजयंत थापर के पिता रिटायर्ड कर्नल वीएन थापर समेत कई महत्वपूर्ण लोगों ने शिरकत की। इस मौके पर ऑल इंडिया एंटी टेररिज्म फ्रंट के चेयरमैन एम.एस.बिट्टा, यूपी के पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह, रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल डिफेंस एक्सपर्ट राज कादियान, डिफेंस एक्सपर्ट आरएसएन सिंह और इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ फाइनेंस के प्रोफेसर अमन अग्रवाल, भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता राजीव जेटली और कमल संदेश के संपादक शिवशक्ति बख्शी और वरिष्ठ पत्रकार डॉ. अनुराग शर्मा मौजूद रहे।

इस अवसर पर यूपी के पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह ने आतंकवाद की फंडिंग को एक बड़ा मुद्दा बताया। उन्होंने क्रिकेट में लगने वाले सट्टे का जिक्र किया और कहा कि इसमें लगने वाला अवैध पैसा किसी न किसी रूप में आतंकी संगठनों तक पहुंचता है जिससे ये लोग भारत में आतंकवाद फैलाते हैं। उन्होंने कहा कि आतंकवाद को खत्म करने के लिए यह बात जानना बेहद जरूरी है कि ये पैदा क्यों होता है। विक्रम सिंह ने कहा कि आतंक के पीछे की फंडिंग को रोककर आतंकी संगठनों की कमर तोड़ी जा सकती है। इसके लिए हमारे सुरक्षा तंत्र को और अधिक पुख्ता करना होगा।

तो वहीं ऑल इंडिया एंटी टेररिज्म फ्रंट के चेयरमैन एम.एस.बिट्टा ने आतंकवाद के लिए फंडिंग रोकने के तरीकों पर प्रहार करने के लिए मोदी सरकार की तारीफ की। उन्होंने ये भी कहा कि सभी पार्टियों को नेशन फर्स्ट की विचारधारा पर काम करना होगा। बिट्टा ने कहा कि लोगों को आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर लड़ाई लड़ने के लिए भी आगे आना होगा।

डिफेंस एक्सपर्ट कर्नल आरएसएन सिंह ने भी कहा कि भारत में आतंकवाद की फंडिंग पाकिस्तान से होती है। उन्होंने जमात उद दावा और लश्कर ए तैयबा का जिक्र करते हुए बताया कि आतंक के लिए इस फंडिंग के कई माध्यम हैं जिसमें धर्म तक को शामिल कर लिया जाता है। इतना नहीं उन्होंने यह भी कहा कि जेहाद फैलाने के लिए पड़ोसी मुल्क की सरकार भी फंड मुहैया करवाती है। आरएसएन सिंह ने नेताओं और आतंकी संगठनों के नेक्सस का भी जिक्र किया।

 

तो वहीं भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता राजीव जेटली ने कहा कि भ्रष्टाचार छोटे छोटे रूप में पूरे देश में फैला हुआ है। उन्होंने अवैध सीडी और पायरेटेड किताबों की बिक्री आदि कारणों का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार इस तरह के भ्रष्टाचार को रोकने के लिए पूरी सख्ती से कदम उठा रही है।

तो उधर, वित्त विशेषज्ञ और इंडियन इंस्टिच्यूट ऑफ फाइनेंस के प्रोफेसर अमन अग्रवाल ने कहा कि सरकारें अवैध फंडिंग को रोकने के लिए 90 के दशक से ही काम कर रही हैं। इसी कड़ी में मनी लॉड्रिंग एक्ट और केवाईसी एक्ट लाया गया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार अवैध फंडिंग को रोकने के लिए तेजी से काम कर रही है। तो वहीं, कर्नल थापर ने ईमानदारी पर बहुत जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकारों को ईमानदारी से काम करना होगा ताकि आतंकवादी घटनाओं को रोका जा सके। उन्होंने इस मौके पर सेना की ईमानदारी का भी जिक्र किया।

कमल संदेश के संपादक शिवशक्ति बख्शी ने कहा कि अमूमन कहा जाता है कि आतंकवाद गरीबी और बेरोजगारी से पैदा होता है। मगर ऐसा नहीं है। उन्होंने कहा कि ये पूरी तरह से कानून एवं व्यवस्था की समस्या है और इससे सख्ती से निपटा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने पूरी दुनिया में भारत के पक्ष में माहौल बनाया है। तो वहीं, रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल राज कादियान ने कहा कि आतंक के कारणों पर ध्यान देने की जरुरत है। इसके कारणों का पता लगाकर इसे दबाने के लिए कारगर नीति बनाने की जरुरत है।

आईआईपी के निदेशक राजीव गोयल ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ सभी लोगों को एकजुट होने की जरुरत है। उन्होंने आतंकवाद पर लगाम कसने के सरकार के प्रयासों की सराहना की। आईआईपी द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने शिरकत की। इस दौरान सभी ने विशेषज्ञों से सवाल-जवाब भी किए। आईआईपी आयोजक कमेटी द्वारा सभी सम्मानित लोगों का सम्मान किया गया।

Tags


Comments

Leave A comment