पद्मावत विवाद: करणी सेना ने मुंबई में सेंसर बोर्ड के ऑफिर पर किया प्रदर्शन, कहा- फिल्म को बैन किया जाए

  • January 12, 2018
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संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावती’ पर आए संकट के बादल छंटने का नाम नहीं ले रहे है. फिल्म पद्मावती अब पद्मावत नाम से 25 जनवरी को रिलीज होगी. लेकिन फिल्म की रिलीज डेट सामने आने के बाद करणी सेना एक बार फिर उठ खड़ी हुई है. शुक्रवार सुबर करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने मुंबई में सेंसर बोर्ड ऑफिस का घेराव किया है. कार्यकर्ताओं ने कहा है कि नाम बदलने से कुछ नहीं होगा, पूरी फिल्म को बैन किया जाए. पुलिस ने कुछ कार्यकर्ताओं को हिरासत में भी लिया है.

सिनेमाघरों में लगा देंगे आग

करणी सेना ने कहा है कि अगर फिल्म को रिलीज किया गया तो वह सिनेमाघरों में आग लगा देंगे. करणी सेना ने धमकी देते हुए कहा है कि नाम बदल देने से कुछ नहीं होता, फिल्म किसी भी हालत में रिलीज नहीं होने दी जाएगी. करणी सेना ने कहा है कि सेंसर बोर्ड ने हमें अंधेरे में रखा है ऐसे में फिल्म रिलीज नहीं होने दी जाएगी. वहीं एक राजपूत नेता ने कहा है कि अगर नाम बदलने से बदलाव आता है तो फिर पेट्रोल का नाम बदलकर गंगाजल रख देंगे.

राजस्थान में फिल्म बैन

राजस्थान के गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने साफ कर दिया है कि फिल्म को राजस्थान में रिलीज नहीं किया जाएगा. गुलाबचंद कटारिया ने कहा है कि फिल्म को लेकर करणी सेना की नाराजगी कायम है ऐसे में इस फिल्म को राजस्थान में रिलीज नहीं करने का फैसला किया गया है.

करणी सेना की नाराजगी कायम

फिल्म को लेकर सेंसर बोर्ड के बदलाव पर जहां करणी सेना ने सवाल उठाए हैं वहीं मेवाड़ राजघराने ने भी सवाल खड़े कर दिए है. प्रसून जोशी पर अंधेरे में रखने का आरोप लगा चुकी करणी सेना ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. करणी सेना ने कहा है कि प्रसून जोशी को तुरंत सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष पद से हटाया जाए. करणी सेना ने कहा है कि प्रसून जोशी ने हमें अंधेरे में रखा है.

प्रसून जोशी की सफाई

मेवाड़ के पूर्व राजघराने के प्रमुख महेंद्र सिंह मेवाड़ ने सेंसर बोर्ड पर उन्हें अंधेरे में रखने का आरोप लगाया है. इस विवाद पर सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष प्रसून जोशी ने कहा है सेंसर बोर्ड की तरफ से बनाए गए पैनल ने सिर्फ सलाह दी है, फिल्म पर आखिरी फैसला सेंसर बोर्ड ने ही लिया है. प्रसून ने कहा है कि सीबीएफसी इस पर अपना अंतिम फैसला करेगी, इस बात की जानकारी पैनल में मौजूद सभी सदस्यों को पहले से थी.

मेवाड़ राजघराने ने किया विरोध

इसको लेकर महेंद्र मेवाड़ ने केंद्रीय प्रसारण मंत्री स्मृति ईरानी को एक चिट्ठी भी लिखी है. इस चिट्ठी में कहा गया है कि सेंसर बोर्ड ने फिल्म को हरी झंडी देने में जिस तरह से ज़ल्दबाजी में कदम उठाए हैं, उससे बोर्ड की साख़ पर ही सवाल खड़े हो गए हैं. महेंद्र मेवाड़ ने कहा कि पहले 6 लोगों को फिल्म दिखाने की बात कही थी, लेकिन इतनी जल्दबाजी की गई कि सिर्फ 3 लोगों को ही फिल्म दिखाकर खानापूर्ति कर ली गई. महेंद्र ने कहा है कि हमने सेंसर बोर्ड को चिट्ठी भेजकर फ़िल्म को लेकर कुछ सवालों का जवाब मांगा था. लेकिन सेंसर ने उसे पूरी तरह से अनदेखा कर दिया.

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