महाराष्ट्र बंद के दौरान जमकर तोड़फोड़, बसों के तोड़े गए शीशे, औरंगाबाद में धारा-144 लागू

  • January 3, 2018
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भीमा-कोरेगांव की 200वीं सालगिरह के मौके पर फैली हिंसा ने पूरे महाराष्ट्र को अपनी चपेट में ले लिया है. महाराष्ट्र में जातीय हिंसा को लेकर आज दलित संगठनों के बंद के दौरान जमकर तोड़फोड़ हुई है. जगह जगह दलित संगठन के लोगों ने सड़कों पर उतरकर विरोध किया है. इस दौरान इन लोगों ने 15 बेस्ट की बसों की शीशे तोड़ दिए, वहीं कई बसों की हवा निकाल दी.

लाइव अपडेट-

-प्रकाश अंबेडकर का दावा, शांतिपूर्ण रहा महाराष्ट्र बंद.

-प्रकाश अंबेडकर ने महाराष्ट्र बंद खत्म करने की घोषणा की.

-महाराष्ट्र जातीय हिंसा का असर गुजरात में भी दिखा, वापी में दलित सेना ने हाईवे जाम किया.

-मुंबई में एसी लोकल ट्रेन की सर्विस को पूरे दिन के लिए बंद  किया गया.

-अकोला में दलित संगठन के लोगों ने पत्थरबाजी की.

-मुंबई में 15 बेस्ट की बसों के शीशे तोड़े गए. कई बसों की हवा निकाली गई.

-मुंबई में प्रदर्शनकारियों ने जबरदस्ती दुकानों को बंद कराया.

-घाटकोपर मेट्रो स्टेशन पर पहुंचे प्रदर्शनकारी, मेट्रो सर्विस प्रभावित.

-ठाणे रेलवे स्टेशन पर RPI अंबेडकर पार्टी कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन.

-भीमा कोरेगांव में जो कुछ हुआ है वह सब सरकार की जिम्मेदारी-प्रफुल्ल पटेल

-कांडवाली, जोगेश्वरी, विकरोली आदि में ट्रैफिक प्रभावित.

-हिंसा को रोकने के लिए राज्य रिजर्व पुलिस फोर्स की 30 कंपनियां तैनात.

दलित संगठनों ने बुलाया है बंद

इस हिंसा को लेकर डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के पोते प्रकाश अंबेडकर समेत कई संगठनों ने आज महाराष्ट्र बंद का ऐलान किया है. प्रकाश आंबेडकर ने कहा कि सरकार ने न्यायिक जांच के जो आदेश दिए गए हैं वो उन्हें मंजूर नहीं हैं.
वहीं हिंसा को देखते हुए औरंगाबाद में धारा-144 लागू कर दी गई है. बंद को लेकर पूरे महाराष्ट्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए है.

मंगलवार को भड़की हिंसा

जानकारी के मुताबिक इस कार्यक्रम में कुछ बाहरी लोगों ने वधु गांव के लोगों भड़काया और देखते ही देखते हिंसा फैल गई. हालाकि प्रशासन ने पूरी तैयारी होने का दावा किया था उसके बाद भी यहां हिंसा हो गई. बताया जा रहा है कि टकराव दलितों और मराठा संगठन के लोगों के बीच हुआ है. इस दौरान महाराष्ट्र के हड़पसर और फुरसुंगी में बसों पर पथराव किया गया. इसके अलावा ट्रेन सर्विस भी प्रभावित हुई है.

 

सीएम ने दिए जांच के आदेश

वहीं महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फड़णवीस ने हिंसा पर दुख जताते हुए कहा है कि ये सरकार को बदनाम करने की साजिश है. सीएम फड़णवीस ने इस मामले की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं. फड़णवीस ने कहा है कि भीमा कोरेगांव की लड़ाई की 200वीं सालगिरह पर करीब तीन लाख लोग आए थे. सीएम ने कहा है कि पुलिस की 6 कंपनियां मौके पर तैनात की थी, लेकिन कुछ बाहरी लोगों ने माहौल को बिगाड़ने का काम किया है. सरकार ने मृतक के परिवार वालों को 10 लाख के मुआवजा का ऐलान किया है.

राजनीति शुरू

वहीं इस हिंसा को लेकर राजनीति भी शुरू हो गई है. एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार ने इस हिंसा के लिए दक्षिणपंथी संगठनों की जिम्मेदार बताया है और आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है. शरद पवार ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है.

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