चुनाव से पहले राजस्थान बीजेपी में घमासान, दिल्ली पहुंचे कई विधायक

  • April 24, 2018
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राजस्थान में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले प्रदेश अध्यक्ष को लेकर मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया और केंद्रीय बीजेपी के बीच सियासी जंग शुरू हो गई है. इस सियासी जंग में प्रदेश अध्यक्ष कौन बने इसके लिए राजे सरकार के 20 से ज्यादा मंत्रियों और 20 विधायकों ने बीजेपी अध्यक्ष और केंद्रीय नेतृत्व पर दवाब बनाने के लिए दिल्ली में डेरा डाला हुआ है.

सूत्रों के मुताबिक अमित शाह चाहते हैं मोदी सरकार में कृषि राज्यमंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को प्रदेश अध्यक्ष बनाया जाए, जबकि राजे सरकार के 20 से ज्यादा मंत्री और सभी जाट विधायकों शेखावत को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने के खिलाफ हैं.

राजे से लेकर दिल्ली आए सभी मंत्रियों और विधायकों का मत है कि गजेंद्र सिंह शेखावत को प्रदेश बनाए जाने से राजस्थान में जाटों की नाराजगी बढ़ जाएगी. राज्य में राजपूत मुख्यमंत्री के बाद इसी समुदाय का प्रदेश अध्यक्ष होने से जाटों में अच्छा संदेश नहीं जायेगा. इस फैसले की कीमत पार्टी को आगामी विधानसभा में चुकानी पड़ सकती है.

असल में वसुंधरा राजे सिंधिया को गजेंद्र सिंह शेखावत के प्रदेश अध्यक्ष बनने से दिक्कत ये है कि प्रदेश में राजपूतों में एक उनके समकक्ष का एक नेता खड़ा हो जाएगा.

सोमवार को जिन मंत्रियों ने संगठन महासचिव रामलाल से मुलाक़ात कर गजेंद्र सिंह शेखावत के खिलाफ अपनी नाराजगी बता दी उनमें राज्यसभा सांसद रामनारायण डूढी, यूनुस खान, राजेंद्र सिंह राठौर, राम प्रताप, प्रभुलाल सैनी, अजय किलक, सुरेंद्रपाल सिंह शामिल हैं. इसके अलावा भी कई अन्य विधायक दिल्ली पहुंच चुके हैं.

पार्टी महासचिव रामलाल ने राजस्थान से आये सभी मंत्रियों और विधायकों को भरोसा दिया और कहा कि प्रदेश अध्यक्ष फैसला सबकी सहमति से होगा. सभी जानते हैं कि अंतिम फैसला पीएम नरेंद्र मोदी और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह को ही लेना है.

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