एमपी में राज्यमंत्री बने साधुओं ने रद्द की नर्मदा घोटाला रथ यात्रा, कांग्रेस ने जताई डील की आशंका

  • April 4, 2018
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मध्यप्रदेश सरकार ने नर्मदा नदी की रक्षा के लिए पांच संतों को राज्यमंत्री का दर्जा दिया है। इस मामले पर अब कांग्रेस ने बीजेपी पर निशाना साधा है। दरअसल, जिस संत को राज्यमंत्री बनाया गया है उन्होंने भाजपा सरकार के खिलाफ प्रस्तावित नर्मदा घोटाला रथ यात्रा रद्द कर दी है। बता दें कि  पहले राज्य सरकार के खिलाफ एक अप्रैल से नर्मदा घोटाला रथ यात्रा निकालने की घोषणा की गई थी लेकिन राज्यमंत्री का दर्जा मिलने के बाद यह यात्रा रद्द कर दी गई। राज्यमंत्री का दर्जा मिलने के बाद कम्प्यूटर बाबा ने कहा, “हमने यात्रा निरस्त कर दी है, क्योंकि प्रदेश सरकार ने नदी के संरक्षण के लिये समिति बनाने की मांग पूरी कर दी है। अब यात्रा निकालने की जरूरत नहीं है।

पद और सुविधाओं के सवाल पर कंप्यूटर बाबा ने कहा कि अगर हमें सरकारी सुविधाएं नहीं मिलेंगी तो हम नर्मदा नदी के संरक्षण का काम कैसे कर पाएंगे। जिलाधिकारियों से बात करने के लिए हमें सरकारी दर्जे की जरूरत थी।

कांग्रेस ने इस मामले में कंप्यूटर बाबा पर निशाना साधा है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने कहा कि यह स्पष्ट होना चाहिए कि ऐसी कौन सी डील हुई है जिसकी वजह से यह यात्रा रद्द कर दी गई।

आपको बता दें कि मध्यप्रदेश सरकार ने मंगलवार (3 अप्रैल) को पांच संतों को राज्यमंत्री का दर्जा दिया था। राज्य मंत्री का दर्जा पाए संतों में नर्मदानंद महाराज, हरिहरानंद महाराज, कम्प्यूटर बाबा, भय्यू महाराज एवं पंडित योगेंद्र महंत शामिल हैं।

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