मुजफ्फरनगर दंगा मामले में 400 से ज्यादा केस वापस ले सकती है योगी सरकार

  • February 6, 2018
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यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार मुजफ्फरनगर दंगा मामले में 400 से ज्यादा केस वापस ले सकती है. इनमें कई केस बीजेपी नेताओं पर भी है. बीजेपी नेताओें ने दंगे को लेकर हुए केस को वापस लेने की मांग उठाई है जिसपर सीएम योगी ने आश्वासन दिया है. जानकारी के मुताबिक सीएम योगी ने मुजफ्फरनगर के सांसद संजीव बाल्यान और कई खाप नेताओं से मुलाकात की है. इस दौरान फर्जी मुकदमों को लेकर बातचीत हुई है.

माना जा रहा है कि योगी सरकार बीजेपी नेताओं पर दर्ज हुए केस वापस लेने की पूरी तैयारी कर चुकी है. इसको लेकर शासन ने बीजेपी नेताओं पर दर्ज हुए नौ मुकदमों की स्टेटस रिपोर्ट मांगी है और पूछा है कि नेताओं पर दर्ज मुकदमों की क्या स्थिति है.शासन ने पूछा है कि क्या बीजेपी नेताओं पर चल रहे इन मुकदमे को वापस लिया जा सकता है. प्रशासन को जल्द से जल्द ही इस मामले पर अपनी रिपोर्ट देने को कहा गया है.

आप को बता दें कि 27 अगस्त 2013 को जानसठ थाना क्षेत्र के गांव कवाल में शाहनवाज की मौत के बाद मलिकपुरा के ममेरे भाइयों सचिन और गौरव की हत्या कर दी गई थी. इसके बाद हिंसा भड़क गई थी. इसके विरोध में मुस्लिमों ने तत्कालीन डीएम और एसएसपी को ज्ञापन सौंपा था. इसके बाद हिंदू संगठनों ने 7 सितंबर 2013 को नंगला मंदौड़ में महापंचायत की थी. जिसके बाद जिले में दंगा भड़क गया था.

इस मामले में तत्कालीन समाजवादी पार्टी की सरकार ने बीजेपी नेताओं पर दंगा भड़राने का केस दर्ज किया था. इनमें सुरेश राणा, संगीत सोम, संजीव बालियान, भारतेंद्र सिंह, उमेश मलिक, साध्वी प्राची, वीरेंद्र सिंह, श्यामपाल, जयप्रकाश शास्त्री, राजेश्वर आर्य, मोनू, सचिन आदि के खिलाफ पंचायत करने, भड़काऊ भाषण देने के आरोप में दो मुकदमे दर्ज कराए गए थे, जो अभी भी चल रहे है.

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