65 साल बाद दक्षिण कोरिया जाने वाले पहले उत्तर कोरियाई शासक बने किम जोंग

  • April 27, 2018
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6 दशक पहले साल 1953 में कोरियाई देशों के बीच विध्वंसक युद्ध हुआ था। इसके बाद दोनों देशों के बीच तल्खी वाले रिश्ते बन गए थे। मगर रिश्तों की एक नई शुरुआत करते हुए किम-जोंग उन दक्षिण कोरिया पहुंचने वाले पहले नॉर्थ कोरियाई शासक बन गए हैं। किम ने अपने समकक्ष और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जेई-इन के साथ असैन्यीकृत क्षेत्र में हाथ मिलाया। यह दोनों देशों के बीच की सीमा रेखा है। किम ने मून के साथ अंतर्राष्ट्रीय रेखा को भी पार किया।

दोनों नेताओं की इस मुलाकात पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं। किम का स्वागत करने के लिए जहां मून ने अंतर्राष्ट्रीय रेखा को पार करने से पहले कहा कि मैं आपसे मिलकर खुश हूं। वहीं किम ने भी गेस्ट बुक में लिखा कि यह एक नए इतिहास की शुरुआत है। अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर कुछ देर बिताने के बाद दोनों नेता पीस बिल्डिंग की तरफ बढ़ गए।

उत्तर कोरिया के शासक किम और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून के बीच होने वाली यह भेंट दोनों देशों के बीच इस तरह की तीसरी मुलाकात होगी। दोनों देशों के बीच इस वार्ता को कोरियाई प्रायद्वीप में शांति की स्थापना और परमाणु कार्यक्रमों को रोकने के उद्देश्य से काफी अहम माना जा रहा है। दोनों नेताओं ने परमाणु हथियारों पर बात करनी शुरू कर दी है।

दोनों देशों की मुलाकात से पहले दक्षिण कोरिया ने अपने यहां लगे उन लाउडस्पीकरों को बंद कर दिया था जिसके जरिए किम को बुरा-भला कहा जाता था। इसकी वजह बातचीत के लिए एक सही माहौल बनाने में मदद मिलना कहा गया था। इस मामले में दक्षिण कोरिया के प्रवक्ता चोइ होइ-युन ने कहा था कि इस कदम का मकसद दोनों कोरियाई देशों के बीच तनाव कम करना और बातचीत के लिए शांतिपूर्ण माहौल बनाना है।

सियोल प्रवक्ता के मुताबिक, सम्मेलन के सुबह के सत्र के बाद दोनों नेता एक पौधरोपण से पहले अलग-अलग लंच करेंगे। इसके बाद दोनों के बीच अनौपचारिक वार्ता होगी और अंत में एक समझौते पर दस्तखत के बाद जो घोषणा होगी, उसे ‘पनमुंजोम घोषणा’ कहा जाएगा। शाम के भोजन में किम जोंग की पत्नी री सोल-जू के भी हिस्सा लेने की उम्मीद है। इसके बाद विदाई समारोह के साथ सम्मेलन खत्म होगा। कोरियाई प्रायद्वीप में शांति के लिए इस बैठक पर पूरी दुनिया की निगाह है, क्योंकि इसके बाद किम और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की शिखर वार्ता का रास्ता साफ होगा।

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