आजादी के बाद पहली बार भारत और पाक करेंगे एकसाथ सैन्य अभ्यास

  • April 29, 2018
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रूस में सितंबर में बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास होने जा रहा है जिसमें पहली बार धुर विरोधी भारत और पाकिस्तान एक साथ हिस्सा लेंगे। बता दें कि आतंकी गतिविधियों पर लगाम लगाने के मकसद से आयोजित इस सैन्य अभ्यास में चीन के साथ कई अन्य देश भी शिरकत करने जा रहे हैं। संबंधित अफसरों ने बताया कि यह सैन्य अभ्यास शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की रूपरेखा के तहत किया जाएगा। सुरक्षा समूह की इस संस्था पर चीन का प्रभुत्व है जिसे अब नाटो की बराबरी कर सकने वाली संस्था के रूप में देखा जा रहा है।

बता दें कि यह अभ्यास रूस के उराल पर्वत क्षेत्र पर होगा जिसमें एससीओ के लगभग सभी सदस्य हिस्सा लेंगे। संबंधित अफसरों ने बताया है कि शांति मिशन के इस अभ्यास का मुख्य मकसद एससीओ के आठ सदस्य देशों के बीच आतंकवाद से निपटने के लिए सहयोग बढ़ाना है। अधिकारियों ने बताया कि पिछले सप्ताह बीजिंग में एससीओ सदस्य देशों के रक्षा मंत्रियों की बैठक में रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारत के इस अभ्यास में हिस्सा लेने की पुष्टि की थी।

बता दें कि आजादी के बाद ऐसा पहली बार हो रहा है जब भारत और पाकिस्तान दोनों किसी सैन्य अभ्यास में एकसाथ शामिल होंगे। एससीओ की स्थापना शंघाई में साल 2001 में हुई थी। रूस, चीन, किर्गीज गणराज्य, कजाकिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान इसके सदस्य हैं। पिछले साल भारत और पाकिस्तान को एससीओ के स्थायी सदस्य के रूप में शामिल किया गया था।

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