गांधी की 150वीं जयंती की तैयारी, बैठक में नहीं पहुंचे सोनिया और राहुल गांधी

  • May 3, 2018
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महात्मा गांधी की 150वीं जयंती की तैयारी के लिए राष्ट्रपति द्वारा बुलाई गई बैठक में सोनिया गांधी, राहुल गांधी और सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा नहीं पहुंचे।

इस समारोह की रूपरेखा पर चर्चा के लिए राष्ट्रीय समिति की बैठक में उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद व लालकृष्ण आडवाणी सहित केंद्रीय मंत्री शामिल रहे। बैठक में 23 राज्यों के मुख्यमंत्री भी शामिल हुए। यह कार्यक्रम इस वर्ष 2 अक्तूबर से शुरू होकर 2 अक्तूबर 2020 तक चलेगा।

बैठक की अध्यक्षता करते हुए राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने कहा कि पूरा विश्व आतंकवाद और अन्य प्रकार की जैसी हिंसा का सामना कर रहा है, वैसे में गांधी का अहिंसा का सिद्धांत आज भी प्रासंगिक है।

उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी भारत की अंतरात्मा के रखवाले थे। वह हमारे अतीत, वर्तमान और वही हमारे भविष्य हैं। सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी ने इस मौके पर कहा कि देश को अगले साल महात्मा गांधी की जयंती को पूरे दमखम के साथ मनाना चाहिए, सांकेतिक रूप में नहीं। उन्होंने कहा कि उन्हें महज श्रद्धांजलि दे देना ही काफी नहीं है। सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वह लोगों के दिलों में रहें।

कार्यक्रम के बाद एक ट्वीट में मोदी ने कहा कि महात्मा गांधी ने देश के लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया। उन्होंने आंदोलन का नेतृत्व इसलिए किया, ताकि हमारी पीढ़ियां आजाद माहौल में सांस ले सकें। इस मौके पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि उनका मंत्रालय 193 देशों में इस आयोजन को करने की योजना बना रहा है।

जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने 150वीं जयंती को शांति एवं मेल-मिलाप वर्ष के तौर पर मनाने का प्रस्ताव दिया। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि गांधी के संदेश को घर-घर तक पहुंचाने के लिए उन्होंने पहले ही ‘बापू आपके द्वार’ कार्यक्रम शुरू कर दिया है।

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