विदेश में रहने वाले भारतीय कभी ना भूलें अपने देश का योगदान- मोहन भागवत

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  • November 10, 2017
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आरएसएस सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा है कि कोई भी भारतीय नागरिक विदेश में रहता है और वहां उसे कामयाबी मिलती है, सम्मान मिलता है उसकी इस सफलता में भारत का 50 फीसदी योगदान हरदम रहता है. मोहन भागवत ने कहा कि अगर किसी भारतीय को विदेश में मान और सम्मान मिलता है तो उसे भारत के योगदान को कभी नहीं भूलना चाहिए. भागवत ने कहा कि इंसान कितना भी काबिल क्यों ना हो परदेश में सम्मानित होने में  50% योगदान अपने देश का ही होता है.

दरसअल संघ प्रमुख मोहन भागवत गुरूवार को पुणे के दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल में एक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे. कार्यक्रम में भागवत ने देश में स्वास्थ्य सेवा और शिक्षण सेवा बिना व्यापारीकरण किए सामान्य जनता तक पहुंचाना कितना जरुरी और शिक्षित लोगों का कर्तव्य है, इस विषय पर बोले.

भागवत ने कहा कि देश का कोई भी नागरिक जब भी दुनिया के किसी देश में जाकर इज्जत कमाता है तो उसे कभी ये नहीं सोचना चाहिए कि मेरी सफलता के पीछे मेरे देश का कोई कोई योगदान नहीं है.

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