सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा, केंद्रीय विद्यालयों में सिर्फ हिंदी में ही प्रार्थना क्यों?

  • January 10, 2018
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केंद्रीय विद्यालयों में होने वाली प्रार्थना को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है. इस मामले पर आज सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी करते हुए पूछा है कि केंद्रीय विद्यालयों में प्रार्थना सिर्फ हिंदी में ही क्यों होनी चाहिए? सुप्रीम कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा है कि यह एक गंभीर और संवैधानिक मामला है, केंद्र सरकार इसपर जवाब दे.

कोर्ट ने केंद्र सरकार को ये नोटिस एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए जारी किया है. दरसअल  याचिकाकर्ता ने कोर्ट में कहा है कि केंद्रीय विद्यालयों में होने वाली हिंदी प्रार्थना हिन्दू धर्म को बढ़ावा दे रही है. स्कूलों में जो प्रार्थना हो रही हैं उनमें संस्कृत के शब्द भी आते हैं, याचिकाकर्ता ने कहा है कि सरकार जिन स्कूलों को चला रही है उनमें ऐसा नहीं होना चाहिए.

याचिका में कहा गया है कि ऐसा करना संविधान के अनुच्छेद 25 और 28 के खिलाफ है और इसे इजाजत नहीं दी जा सकती है. याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट ने अपील करते हुए कहा है कि सरकारी मदद से चलने वाले विद्यालयों में एक खास धर्म को बढ़ावा देने वाली प्रार्थना पर रोक लगनी चाहिए.

 

 

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