लंबा खींच सकता है है सुप्रीम कोर्ट के जजों का मामला, आज चीफ जस्टिस से नहीं मिलेंगे जस्टिस चेलमेश्वर

  • January 13, 2018
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शुक्रवार को देश के 4 जजों ने देश के इतिहास में पहली बार प्रेस कांफ्रेंस करते हुए खलबली मचा दी. चारों जजों ने कहा कि अब बोलना बेहद जरूरी हो गया है, नहीं तो लोकतंत्र खत्म हो जाएगा. इस मामले के सामने आने के बाद चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा ने अटॉर्नी जनरल से बात की है.

माना जा रहा था कि आज चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा चारों जजों से बात कर इस मामले का समाधान कर सकते है. लेकिन सूत्रों के मुताबिक आज ये मुलाकात नहीं होगा. सूत्रों के मुताबिक जस्टिस चेलमेश्वर के साथ पीसी करने वाले बाकी के तीन जज दिल्ली से बाहर हैं, ऐसे में जस्टिस चेलमेश्वर सीजेआई से मिलने को इच्छुक नहीं हैं. इससे पहले पीएम मोदी के प्रधान सचिव नृपेंद्र मिश्रा को शनिवार को CJI आवास के बाहर उनकी कार में देखा गया

इसको लेकर आज बार एसोसिएशन ने शाम चार बजे बैठक बुलाई है. चीफ जस्जिस ने इस मामले पर अपना पक्ष रखा है. सूत्रों के मुताबिक चीफ जस्टिस ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट में सब जज बराबर हैं और स्वतंत्र माने जाते हैं. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में सभी केसों का सही बंटवारा होता है.

जल्द सुलझ जाएगा मामला-अटॉर्नी जनरल

इससे पहले अटॉर्नी जनरल के के वेणुगोपाल ने कहा है कि जल्द ही इस मामले को सुलझा लिया जाएगा. अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा है कि शनिवार को सुप्रीम कोर्ट के जजों के बीच सारी तकरार खत्म हो जाएगी और सारे मामले सुलझा लिए जाएंगे.

हरकत में सरकार

सुप्रीम कोर्ट के 4 वर्तमान जजों के प्रेस कांफ्रेंस करने और गंभीर आरोप लगाने के बाद सरकार में खलबली मच गई है. जैसी ही सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा जजों की प्रेस कांफ्रेंस खत्म हुई वैसे ही पीएम मोदी ने कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद से फोन पर बात की है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सरकार इस मामले में खुद दखल नहीं होगी. सरकार का मानना है कि ये कोर्ट का आंतरिक मामला है.

बोलना जरूरी, नहीं तो लोकतंत्र खतरे में 

मीडिया से बात करते हुए जस्टिस चेलमेश्वर ने कहा कि कभी-कभी होता है कि देश के सुप्रीम कोर्ट की व्यवस्था भी बदलती है. जस्टिस चेलमेश्वर ने कहा है कि इस वक्त प्रीम कोर्ट का प्रशासन ठीक तरीके काम नहीं कर रहा है और अगर ये सब आगे भी ऐसे ही चलता रहा तो लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक होगा. जस्टिस चेलमेश्वर ने कहा कि 4 महीने पहले हमने CJI को एक चिट्ठी लिखी थी, जिसमें हमने प्रशासन के बारे में कुछ मुद्दे उठाए थे.

चीफ जस्टिस ने नहीं सुनी बात

मीडिया से बात करते हुए जस्टिस चेलमेश्वर ने कहा कि चीफ जस्टिस पर देश को फैसला करना चाहिए, हम देश का कर्ज अदा कर रहे हैं. जस्टिस चेलमेश्वर ने कहा है कि उन्होंने अपनी बात चीफ जस्टिस के सामने भी रखी, लेकिन उन्होंने हमारी बात नहीं सुनी. जस्टिस चेलमेश्वर ने कहा है कि हमने चीफ जस्टिस से अनियमितताओं पर बात की है.

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