वीएचपी के अध्यक्ष पद के लिए चुनाव आज, बीजेपी-आरएसएस भी रखेंगी नजर

  • April 14, 2018
Share:

विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) ने अपने अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव के लिए गुरुग्राम में तैयारी पूरी कर ली है. शनिवार को होने वाला यह चुनाव इसलिए भी खास है क्योंकि 52 साल बाद पहली बार अध्यक्ष पद के लिए चुनाव हो रहा है, साथ ही प्रवीण तोगड़िया के बीजेपी और आरएसएस के खराब रिश्ते के बाद अगले अध्यक्ष पर सभी की निगाहें बनी हुई हैं.

अध्यक्ष के लिए होने वाले चुनाव के लिए 273 मतदाता अपना वोट डालेंगे. चुनाव से पहले तोगड़िया ने आरोप लगाया है कि वीएचपी की वोटर लिस्ट में 37 फर्जी वोटर हैं. हालांकि परिषद के महामंत्री चंपत राय ने साफ किया कि प्रवीण तोगड़िया के साथ आए कुछ बाहरी लोगों ने वीएचपी के दफ्तर आरके पुरम में आकर धक्का-मुक्की की और चुनाव को बाधित करने का प्रयास किया. उनका आरोप है कि यह इसलिए किया गया, ताकि बाहर से आने वाले लोग भ्रमित हो जाएं और चुनाव में वोट डालने ना आ पाए.

चंपतराय का यह भी कहना है कि यह सूची वही है जो समय-समय पर होने वाले चुनावों में वोट डालती रही है और प्रवीण तोगड़िया और राघव रेड्डी भी इस सूची के बारे में जानते हैं. वह भी यह सूची कई बार देख चुके हैं, इसलिए इस पर सवाल उठाना ठीक नहीं है.

चंपत राय का कहना है कि चुनाव शांतिपूर्ण होंगे. किसी के दबाव में ना कोई भ्रमित हो और ना ही उत्तेजित. चुनाव ठीक ढंग से होंगे.

शनिवार को होने वाले यह चुनाव का बेहद खास है क्योंकि इस पर बीजेपी और संघ की भी नजरें हैं. वजह साफ है कि प्रवीण तोगड़िया के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ रिश्ते ठीक नहीं चल रहे हैं. समय-समय पर वो मोदी सरकार की आलोचना करते रहे हैं. इसलिए बीजेपी और संघ नहीं चाहता है कि 2019 को देखते हुए प्रवीण तोगड़िया विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष बने क्योंकि अगर वह अध्यक्ष बन गए तो सरकार के लिए ठीक नहीं होंगे

तोगड़िया जिस ढंग से विभिन्न नीतियों को लेकर, कामों को लेकर सरकार पर सवाल उठाते रहे हैं. वह 2019 को देखते हुए ठीक नहीं होगा. यह बात तोगड़िया भी अच्छी प्रकार जानते हैं कि उनका अध्यक्ष बनना बहुत मुश्किल है. इतना ही नहीं राघव रेड्डी को भी बीजेपी और संघ पसंद नहीं करता है. इसलिए उनसे भी अध्यक्ष पद दूर जा सकता है.

पूरे चुनाव पर नजर रखने के लिए कहा जा रहा है कि संघ के वरिष्ठ अधिकारी भी वहां मौजूद रहेंगे. तोगड़िया इस वक्त विश्व हिंदू परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष हैं और राघव रेड्डी अध्यक्ष हैं. दोनों का कार्यकाल पिछले साल ही खत्म हो चुका है.

तोगड़िया विश्व हिंदू परिषद के फिर से अध्यक्ष बनना चाहते हैं, लेकिन मोदी के साथ तल्ख रिश्तों के कारण ऐसा होना संभव नहीं दिख रहा. जबकि राघव की भी छुट्टी तय है. विश्व हिंदू परिषद के नए अध्यक्ष के रूप में वी कोकजे पहली पसंद बताए जा रहे हैं.

Tags


Comments

Leave A comment